SCO बैठक में शामिल होने चीन पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी,

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पिछले दो महीने में चीन से दूसरी मुलाकात

नई दिल्ली। चीन में आज (9 जून) से शुरू हो रहे दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के किंगदाओ पहुंच गये। यह पहला मौका है जब भारत एससीओ बैठक में पूर्ण सदस्य के रूप में हिस्सा लेने वाला है। यूँ तो भारत 2005 से ही एससीओ में पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होता है, लेकिन पूर्ण सदस्य का दर्जा उसे 2017 में ही मिला । भारत के अतिरिक्त पाकिस्तान भी इस कार्यक्रम में पूर्ण सदस्य के रूप में हिस्सा लेने वाला है। एससीओ एक यूरेशियाई अंतर सरकारी संगठन है, जिसका गठन 2001 में शंघाई में आठ देश यानि कजाकिहस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने किया था।

रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना, एससीओ के साथ भारत के सम्पर्क की एक नई शुरूआत होगी। उन्होंने कहा कि पूर्ण सदस्य बनने के बाद पिछले एक वर्ष में एससीओ के सदस्यों के साथ हमारा संवाद खासा बढ़ा। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि चिंगदाओ शिखर सम्मेलन एससीओ एजेंडा को और बढ़ावा देगा। ‘

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट करके नौ और 10 जून को अपने एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने की खबर दी। उन्होंने कहा, एक पूर्ण सदस्य के तौर पर भारत के लिए यह पहला एससीओ शिखर सम्मेलन होगा। पीएम मोदी ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, एक पूर्ण सदस्य के तौर पर परिषद की हमारी पहली बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को लेकर रोमांचित हूं।

I will be visiting Qingdao in China for the annual meeting of the Council of Heads of States of the Shanghai…

Posted by Narendra Modi on Friday, June 8, 2018

एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के अलावा प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। 43 दिनों में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की यह दूसरी मुलाकात होगी। बता दें कि 6 सप्ताह पहले पीएम मोदी शी जिनपिंग के साथ एक अनौपचारिक मीटिंग के लिए चीन के वुहान शहर पहुंचे थे, जहां दोनों देशों के बीच रिश्तों में मजबूती लाने के लिए चर्चा हुई थी।

भारत तमाम फोरम पर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है, ऐसे में इस सम्मेलन में भी आतंकवाद का मसला उठने की संभावना है। इस बार सम्मेलन में भारत द्वारा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के महत्व पर जोर देने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच अगले हफ्ते सिंगापुर में होने वाली बैठक के मद्देनजऱ कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति का मुद्दा भी चर्चा के लिए उठ सकता है।

एससीओ देशों के नेताओं के साथ मोदी जी का करीब आधा दर्जन द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है कि मोदी और पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन के बीच बातचीत होगी या नहीं।

Source- ZEE News


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Tabina Ofaque

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