महाराष्ट्र में पूर्ण रूप से प्लास्टिक बैन

महाराष्ट्र में पूर्ण रूप से प्लास्टिक बैन
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पकड़े जाने पर 25 हजार रुपया और तीन महीने तक की सजा

महाराष्ट्र में आज यानी 23 जून की मध्य रात्रि से प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से पाबन्दी लग गई है। राज्य के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए शनिवार से राज्य में प्लास्टिक बंदी लागू करने की घोषणा की है। उनहोंने कहा कि प्लास्टिक बंदी कड़ाई से लागू की जाएगी। इससे महाराष्ट्र में प्लास्टिक एवं थर्माकोल उत्पाद (निर्माण, उपयोग, बिक्री, परिवहन, हैंडलिंग और भंडारण) पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्लास्टिक बंदी विरोधी याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी थी । हाईकोर्ट ने प्लास्टिक उत्पाद और वितरकों को तीन हफ्ते में अपना पक्ष रखने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की गई है जो अंतिम सुनवाई होगी। वहीं थर्माकोल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रामदास कदम से मुलाकात कर गणेशोत्सव में थर्माकोल के इस्तेमाल की इजाजत देने की मांग की है।

प्लास्टिक बैन को लेकर मुंबई में जोरदार तैयारियाँ की गई है। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 37 प्लास्टिक संकलन केंद्र, हेल्पलाइन और मदद कक्ष स्थापित किया है। साथ ही प्रतिबंधित प्लास्टिक के साथ पाये जाने वालों पर कार्रवाई करने के लिए 250 इंस्पेक्टरों का विशेष दस्ता बनाया गया है।

मुंबई में खास प्रदर्शनी का आयोजन

इसके अलावा बीएमसी ने मुंबई में वैकल्पिक सामानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। वर्ली में आयोजित प्रदर्शनी के ज़रिये ये बताने की कोशिश है कि प्लास्टिक के बिना भी जिंदगी जी जा सकती है। प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए नेताओं के साथ-साथ अभिनेता अजय देवगन और काजोल को भी बुलाया गया था। जिन्होंने लोगों से प्लास्टिक मुक्ति के इस अभियान से जुड़ने की और अपनी आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर दुनिया देने की अपील की।

तकरीबन 100 स्टॉलों में कागज के सुंदर मंडप, कपड़ों की तरह-तरह की थैली से लेकर, सुपारी के प्लेट, चम्मच, ग्लास और डब्बों के साथ कागज के स्ट्रा तक उपलब्ध हैं। एक चम्मच तो ऐसा भी था, जिससे खाना खाने के बाद उसे भी खाया जा सकता है। अनाज से बने चम्मच सादे और चोकलेट जैसे अलग-अलग स्वाद में उपलब्ध हैं।

बारिश में इस्तेमाल होंगी स्टार्च की थालियां

प्लास्टिक पर बैन की बात सुनकर सबसे पहला सवाल उठता है कि बारीश में काम कैसे चलेगा? इसका जवाब है स्टार्च से बनी थैलियां। बायो ग्रीन के सीईओ मोहम्मद सादिक ने बताया कि फल और सब्जियों के स्टार्च से बनी थैलियां वाटर प्रूफ होती हैं और पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।

प्रतिबंधित प्लास्टिक इस्तेमाल करने पर सज़ा

पाबंदी प्रभावी तरीके से लागू हो इसलिए बी एम सी ने 250 इंस्पेक्टरोंका खास दस्ता बनाया है, जो 24 जून से प्रतिबंधित प्लास्टिक के साथ पाये जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। महाराष्ट्र नॉन बायोडिग्रेबल गार्बेज कंट्रोल एक्ट के तहत पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना, दूसरी बार पकड़े जाने पर दस हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना और तीन महीने की जेल का प्रावधान है ।

इनके इस्तेमाल पर पाबंदी :

सभी तरह की प्लास्टिक की थैलियां
प्लास्टिक के ग्लास, कप , कटोरी प्लेट, चम्मच
थर्मोकोल की प्लेट और ग्लास डेकोरेशन के लिए भी इस्तेमाल नहीं की जा सकती

इनके इस्तेमाल पर पाबंदी नहीं :

अस्पताल में इस्तमाल होने वाले प्लास्टिक के उपकरण, सलाईन, बोतल और दवाईयों के पैकेट
प्लास्टिक की पेन, दूध की थैली, रेनकोट , खेती और नर्सरी के काम में इस्तेमाल होने वाले सामान रखने के लिए
अनाज रखने के लिए भी 50 माइक्रोन से ज्यादा की प्लास्टिक की थैली
टीवी , फ्रिज ,कंप्यूटर जैसे सामानों को पैक करने के लिए प्लास्टिक और थर्मोकोल
बिस्कुट, चिप्स और नमकीन के मल्टीलेयर प्लास्टिक पाउच,बोतलबंद पानी, ब्रांडेड फूड, जूस के पैकेट, ब्रांडेड शर्ट, ड्रेस, तेल, कोला बोतल

प्लास्टिक बंदी से लोगों के रोजगार पर संकट

प्रतिबंध से प्लास्टिक उद्योग और उससे जुड़े लोगों पर संकट में आ गया है। कारोबारियों के मुताबिक बैन से करीब 15 हजार करोड़ की प्लास्टिक इंडस्ट्री खतरे में है। इससे करीब तीन लाख लोगों का रोजगार भी प्रभावित होगा। यही नहीं, बैन से लगभग ढाई हजार छोटे और मझोले कारोबारियों का धंधा बंद हो जाएगा। अनुमान है कि तीन से चार लाख छोटे दुकानदारों पर इस बैन का सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही कई सवाल हैं जिनके जवाब अभी मिलने बाकी हैं। मसलन तरल पदार्थ के खुदरा विक्रेता क्या करेंगे ? सरकार को इन मामलों पर जल्द की जवाब देना होगा।

बता दें है कि महाराष्ट्र सरकार ने 23 मार्च को राज्य में पूर्ण प्लास्टिक बंदी को लेकर सूचना जारी की थी। इसे 23 जून 2018 से लागू करने की तिथि तय की गई थी। इस बीच सरकार ने प्लास्टिक उत्पादकों, वितरकों और उपभोक्ताओं को अपने मौजूदा स्टॉक का निपटाने और इसके विकल्प तलाशने के लिए तीन महीने का वक्त दिया था।

Source- NDTV


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Tabina Ofaque

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