बेटी के लिए 70 वर्षीय हिन्दू वृद्ध ने रखा रोजा

बेटी के लिए 70 वर्षीय हिन्दू  वृद्ध ने रखा रोजा
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नई दिल्ली। हरिद्वार के लक्सर कस्बे से सटे गांव बसेड़ी के रहने वाले 70 वर्षीय वृद्ध 26 वर्षो से लगातार हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल बने हुए हैं। उनका कहना है कि वह नवरात्र में भी वृत रखते हैं वही माहे रमजान के महीने में पूरे रोजे रखते हैं। वह अन्य सभी धर्मों का भी सम्मान करते हैं।
रुड़की मार्ग पर रेडीमेड़ की दुकान करने वाले रतन सिंह की दो बेटे, दो बेटियां हैं दोनों बेटों व एक बेटी की शादी रतन सिंह ने अपने सामर्थ के अनुसार कर दी। सबसे छोटी बेटी सुनीता के लिए वह काफी परेशान थे उसके लिए मुनासिब वर नही मिल पा रहा था, सभी धार्मिक स्थालों पर उन्होने मन्नतें मांगी और चादरे चढ़ाई, काफी परेशान होने के बाद उन्हे किसी ने रुड़की के मजार पर जाने के लिए कहा, वहां जाकर उन्होने चादर चढ़ायी और उन्हे रोजा रखने की बात कही, ये वाक्या 1992 से शुरु हुआ था, बेटी की शादी 1993 में ही हो गयी थी, लेकिन रतन सिंह ने रोजा रोजा रखना नही छोड़ा, वह लगातार 1992 से रोजा रखते हुए आ रहे हैं। रोजे के बारे में उन्होने कहा कि रोजा रखकर उन्हे अच्छा लगा और भगवान के प्रति एक अलग ही आस्था का अनुभव होता है। वह रमजान माह में पूरे रोजे रखते हैं और वही वजह है कि वह हिन्दू’मुस्लिम एकता की मिसाल बने हुए हैं। लोगों में ऐसी आस्था को देखते हैं तो यह लगता है कि यही तो हिन्दुस्तान है।


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